
सांगला (किन्नौर)। कड़छम से सांगला सड़क भले ही छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दी गई है, लेकिन अभी भी इस सड़क पर सफर करना किसी खतरे से खाली नहीं है। 18 किमी लंबी इस सड़क पर कई जगह डंगे और चट्टानें गिर रहे हैं। इसके चलते इस मार्ग पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। सड़क की खस्ता हालत के चलते सांगला वैली में सैलानियों का आना भी पूर्ण रूप से बंद हो गया है। इससे यहां कारोबारियों को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। 16,17 और 18 जून को हुई भारी बारिश के बाद सांगला में पहले ही पर्यटन सीजन बारिश की भेंट चढ़ गया है। लेकिन, कारोबारियों को अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में सैलानियों के आने की आस थी। लेकिन सड़क की खस्ता हालत के चलते सैलानी सांगला नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई सैलानी ब्रुआ के पास से ही वापस लौट रहे हैं।
संघर्ष कमेटी सांगला वैली के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद नेगी, उपाध्यक्ष बीरबल नेगी, महासचिव अधिवक्ता प्रविंद्र नेगी, जिला भाजपा उपाध्यक्ष साहिब सिंह नेगी, प्रधान रकक्षम टीकम नेगी, प्रधान थैमगारंग सलोचना नेगी, उपप्रधान भरत नेगी, पूर्व बीडीसी सदस्य पदम भूषण नेगी, प्रधान सांगला सरोज नेगी, प्रधान चांसु अनिल नेगी देवी, उपप्रधान बटसेरी राम लाल नेगी, राजेश नेगी, वीरेंद्र नेगी, सुरजीत नेगी, कुलदीप नेगी, महेंद्र नेगी, अरुण कुमार नेगी, यशवंत नेगी, दिव्या नेगी और दीपक नेगी का कहना है कि लगातार सड़क पर चट्टानें गिर रही हैं। इन लोगों का कहना है कि सड़क की हालत सुधारने के लिए कोई भी गंभीर नहीं है। इसके बारे में लोनिवि के एसडीओ टापरी सुरेश शर्मा का कहना है कि ब्रुआ के आसपास क्रेटवाल लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। जहां पत्थर गिर रहे हैं, उनको पूरी तरह गिराकर हालत में सुधार किया जाएगा।
